International horrible news!

(वर्ष १९८३ में प्रदर्शित हुई हिंदी फिल्म 'हीरो' के प्रसिद्ध गाने के बोल आज याद आये है। गाने के बोल में थोड़ा परिवर्तन किया है।)
गाने के कुछ बोल :
लाख बिठा दो पहरे ।
रस्ते में बिछा दो ऊँचे परबत, सागर लहरे ।
तूफ़ान कब रुकते है ? बादल कब रुकते है ?
पनामा जंगल में सारे इखट्टा होते है।
सरहदे बेड़ा पार लगाते है।
पंजाबीवाले,हरियाणावाले कह उठते है,
चलो चले अमेरिका चले, चलो चले मेक्सीको चले।
तूफ़ान कब रुकते है ? बादल कब रुकते है ?
विश्व का सबसे विकसित देश अमेरिका है। आज दुनिया के कई देशों से लोग अमेरिका में नौकरी के लिए जाते हैं। भारत से बहुत सारे लोग
(वर्क वीज़ा) अधिकार प्राप्त करने के बाद, वे अमेरिका में नौकरी करते हैं। लेकिन कुछ अशिक्षित, अर्ध-शिक्षित,शिक्षित,उच्च-शिक्षित
लोग सिर्फ नौकरी करने के लिए अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर रहे हैं। अवैध प्रवेश का अर्थ है सरकारी अनुमति के बिना देशों की सीमा पार करना। इस यात्रा के दौरान कुछ लोग लुटेरों, माफियाओं, अवैध मार्गदर्शक, पुलिस, सिपाहियों द्वारा मारे जा रहे हैं। और कुछ लोगों की मृत्यु रोग, सांप के काटने से,बिच्छू के काटने से जंगल में हजारों लोगों की मौत हुई हैं। इस अवैध यात्रा के लिए वे भारत में प्रति व्यक्ति १० लाख रुपये से ७० लाख रुपये तक एजंट को भुगतान करते हैं। जितने लोग अवैध मार्ग से अमेरिका देशमे नौकरी के लिए जाते है उन में से ९० % लोगों को बुरे हालात से एजंट भेजते हैं। हिन्दू धरम में वैदिक धरम वादी लोग हैं, उन्हें बुरे हालात में रखे जाते हैं। वैदिक धरम वादी लोगों को ४ कहते हैं। हिन्दू धरम वादी लोगों को १० कहते हैं। पनामा जंगल में अवैध मार्गदर्शक , माफिया , पुलिस, फौजी द्वारा ४ के लोग मारे गए हैं। कुछ ४ के लोग सांप बिच्छू के डंख से मारे गए हैं। यदि ४ का यात्री बीमार हो गया तो, नकली अवैध मार्गदर्शक उसे पिस्तौल से गोली मारकर तत्काल मार डालते हैं। नकली अवैध मार्गदर्शक हमेशा शराब के गुत्तों पर दिखाई देते हैं। यदि कोई व्यक्तियाँ सीधे मेक्सिको देश जाते हैं , तो उन्हें मार्गदर्शन के लिए एक व्यक्ति को ६५००००० (पैसठ लाख रुपये) खर्च करना अनिवार्य होता है। कोई सहायता करता नही। अधिक जानकारी के लिए वाचक इंटरनेट द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकते है । वैदिक धरम ४ के लोग कृष्ण को भगवान मानते हैं। हिन्दू लोग राम को भगवान मानते हैं। कृष्ण की जब हत्या की गयी तब उसकी उम्र ८९ वर्ष की थी। जंगल क्षेत्र या किसी बाग बाग़ीचा में कृष्ण आराम कर रहा था, उस समय २ निशानेबाज जंगली आदमियों ने धनुष-तीर से कृष्ण की हत्या कर दी ।अमेरिका देश की सरहद पार करनेसे पहले पनाम जंगल का कुरूक्षेत्र हुवा है। कुरूक्षेत्र ज़िला हरियाणा राज्य में ही है। ३००० वर्ष पूर्व इसी हरियाणा राज्य के कुरूक्षेत्र जिले में महाभारत युद्ध हुवा था। महाभारत युद्ध वैदिक धरम का आपस में विवाद का था, कौरव-पांडव विवाद हुआ था। इस युद्ध को कौरव-पांडव युद्ध भी कहते है। इस युद्ध के बाद हिन्दू धरम की पुनरस्थापना की गयी है। महाभारत युद्ध के बाद जिन्हें हिन्दू धरम मान्य नहीं उन्हें गांव , शहर के बहार उठा के फेंक दिए हैं। वैदिक धरम के लोग हड्डी से बना पावडर पानी में डालकर, बहुत पानी पीते थे।
वर्ष २०२३ के सप्टेम्बर महीने के आखरी दिनोसे हम यह खबर वेबसाइट द्वारा प्रसारित करने का कोशिश कर रहे थे। उस समय भारत के अन्य राज्यों को, कुछ जानकर लोगोने अन्य सभी लोगों को सतर्क किया है। अन्य राज्यों के लोग बिलकुल अनजान थे। मतलब, महाभारत के धूतराष्ट्र की तरह अंधे हुए हैं । इस खबर से ९८.२५ % नकली/ जाली मुस्लिम (जमात-ए-इस्लाम, शिया ,सुन्नी ) जवान लड़कोंने कई असली हिन्दू लड़कों की पिटाई करना शुरू कर दिया है। आजतक मुठ भेड़ में हजारो मर खा चुके है। सभी मार-पिटाई के सिन देखनेको कुछ लोगोंको मजा भी आ रहा है।**याद रखें, असली मुसलमान दुनिया में १.७५% है। उन्हें ही जाट - मुसलमान , पठान - मुसलमान कहते हैं। इस्लाम धर्म से लाखों ,करोड़ों वर्ष पूर्व से लिबास के साथ आज भी वैसे ही है। इस्लाम धर्म १४५० वर्ष पूर्व का है।
अमेरिका देशमें अवैध मार्गसे जानेके लिए १० लाख रुपयेसे ७० लाख रुपये कैसे खर्च होते हैं, इसके बारेमे पूरा
जानकारी । और अवैध रुप से सरहद पार करने के बाद कौनसा प्रक्रिया होता है इसके बारेमे विशेष जानकारी।
1) अवैध / वैध एजेंट अमेरिका के अलग अलग लैटिन देशों में सैकड़ों लोग को भेजते हैं। सैकड़ों वर्ष पहले अमेरिका के विभिन्न लैटिन देशों से, दक्षिण अमेरिका के 20 देशों से कुछ लोग उत्तर दिशा में रहने चले गये। उन्होंने उस देश का नाम अमेरिका रखा है. उनका धरम ख्रिश्चन है।
2) अवैध एजेंट एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये से 70 लाख रुपये या उससे अधिक वसूलते हैं। अवैध एजेंट वैध एजेंट से संपर्क करता है। एक वैध एजेंट किसी व्यक्ति को वैध मार्ग और वैध प्रक्रिया जैसे वीजा, हवाई टिकट, वैध पासपोर्ट आदि के माध्यम से विदेश यात्रा की व्यवस्था करता है। इस तरह सैकड़ों लोगों की पहली वैध यात्रा की व्यवस्था हो जाती है. सभी लोग भारत के हरियाणा और पंजाब राज्य के होतें हैं। इन लोगों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल के होतें हैं। अधिकांश यात्री हिंदू जाट जाति के हैं और बहुत कम सिख धरम के हैं। नकली अवैध मार्गदर्शन के लिए दुनिया के किसी भी देश के व्यक्ति को तैनात किया जाता है।
३) सैकड़ो लोग पनामा, ग्वाटेमाला, मेक्सिको देश के घने जंगल में इखट्टा होते हैं। मौत का असली खेल यहींसे सुरु होता है । बहुतही ही कम लोग बचते है और अमेरिका देश की सरहद पार करते है। जितने लोग अमेरिका के लैटिन देशोंमें आगमन करते है उनमेसे ४ - ४ की टोली बनाते हैं । यह ४ - ४ की टोली सैकड़ो यात्रियोंसे बनाते है। हर टोली का एक नकली अवैध मार्गदर्शक होता हैं । नकली अवैध मार्गदर्शक का व्यक्तित्व सरकारी अधिकारी की तरह होता है। बात करने का तरीका भी अधिकारी की तरह होता है । नकली अवैध मर्गदर्शक के पास अवैध पिस्तौल होता है। नकली अवैध मार्गदर्शक उन्हे वास्तविक दिशा की ओर नहीं बल्कि विपरीत दिशा की ओर ले जाता है और पिस्तौल से मार डालता है, और सभी सामान लूट लेता है। कुछ नकली अवैध मर्गदर्शक जंगल में उन्हें अकेले छोड़कर भाग जाते हैं , और माफिया को भेज देते हैं । माफिया उन्हें लूट लेते हैं और मार भी डालते हैं । माफियोंके पास स्टेनगन, पिस्तौल, छुरे होते हैं , अवैध यात्रियोंको मारडालते हैं और उनका सभी सामान लूट लेते हैं। महाभारत में कर्ण के साथ नाइंसाफी हुवा था ,कर्ण के कवच कुण्डल फ़साके निकाल लिए गए थे, यही कारण हो सकता है की , कुछ अवैध यात्रियोंको आधे नंगे करके मार डाले हैं । कुछ महिला तथा लडकियों का द्रौपदी जैसे वस्त्रहरण भी किया जाता है और बलात्कार भी करते हैं । विश्व में ख्रिश्चन धरम के लोगों को रामायण,महाभारत सबकुछ मालूम हैं । अवैध मार्गदर्शक तथा नकली अवैध मार्गदर्शक अधिकतम संख्या में ख्रिश्चन धर्म के ही होते हैं । अवैध मर्गदर्शक तथा नकली अवैध मार्गदर्शक बहुत ही न्यूनतम संख्यामे अन्य धरम के होते हैं । आज तक हजारों-लाखों लोगों को मारडालने की की शंका जताई जाती हैं। हरियाणा के एक व्यक्ति ने प्रसारण के माध्यम से बताया था कि 300 अवैध यात्रियों में से 100 की मौके पर ही हत्या कर दी गई थी. जिस समय जंगल के किनारे वाहन प्रवेश कर रहे थे उसी समय विवाद हो गया था । १९७ यात्रियों को छोड़कर ३ यात्री भारत देश वापस आ गए। उनसे आज तक सम्पर्क हुआ नहीं। याने की १९७ यात्री लापता हैं। सभी यात्री भारत देश के पंजाब,हरियाणा राज्य के थे। ऐसा एक दिल दहलाने वाला खबर हरियाणा राज्य से प्रसारित किया गया है। १२ वर्ष पूर्व एक पंजाब राज्य की लड़की भारत देश से अमेरिका जानेके लिए अवैध प्रक्रिया के लिए लाखो रुपये अवैध एजेंट को दिए। भारत देश से सिंगापूर देश और वहां से कुछ लड़कियों के साथ अमेरिका जानेके लिए अवैध यात्रा की शुरुआत की। पनामा जंगल में उस लड़की को अकेली छोड़कर बाकी लड़कियाँ आगे चली गयी। पनामा जंगल में ७३ दिन रहना पड़ा। पनामा जंगल में ७३ दिन वो लड़की अकेली थी। बादमे कुछ लड़कियाँ मिली ,उनके साथ अमेरिका पहुँच गयी। उस लड़की ने अमेरीका के एक न्यूज़ चॅनेल को मुलाकात में यह सब बताया है। लेकिन उसकी बातपर किसीका विश्वास नंही होता। अवैध प्रक्रिया को डाँकी लगाना ऐसा कहते हैं। वह लड़की गधा प्रक्रिया से अमेरिका चली गई है. हमारा कहना है कि लड़कियों को बाघ/शेर/तेंदुआ प्रक्रिया का उपयोग करना चाहिए, गधा प्रक्रिया का नहीं। अमेरिका पुलिस ३ दिन से ९० दिन तक हिरासत में रखते हैं। जिन लोगों को अमेरिका सरकारने नौकरी दिया हैं, उन्हें ३ से १५ दिनोंके अंदर बारिहा किये हैं। ऐसे लोग १०% है। बाकी लोगोंको भूके प्यासे रखकर मौत दिया है, कुछ लोगों को वापस भेज दीया हैं। जिन लोगों को वापस भेज दिया है, उनकी संख्या बहुत कम हैं। अमेरिका देश की सरहद पार करने वाले क्षेत्र के एरिज़ोना और टेक्सास ऐसे नाम हैं। टेक्सास सरहद पार करना बहुत कठिन है। टेक्सास सरहद पार करने के लिए अमेरिका सरकार की साहय्यता लेना अनिवार्य हो जाता है।
*जो लोग अमेरिका में नौकरीके लिए अवैध मार्ग से लिए गए है उन लोगोने प्रथम वैध प्रक्रिया उसी रस्ते से की होगी , ऐसा हमारा अंदाज है। क्यों की ख्रिश्चन राष्ट्र में अवैध प्रवेश नामुमकिन है!
४) अमेरिका देश की सरहद अवैध रूप से पार करने के बाद पुलिस थाने से संपर्क करना अनिवार्य होता है। इस कार्य हेतु कुछ टोल फ्री नंबर सरहद के पास अंदर की तरफ उपलब्ध है, जो तीन अंकों के होते है । यह संपर्क नंबर अवैध एजेंट पहले से ही यात्रियों को देता है। सरहद पार करने के बाद यात्री भारत देश में उनके रिश्तेदारों को संपर्क करते है। रिश्तेदार ढोलक, म्यूजिक सिस्टम, फटाकों की आतश बाजी से आंनद व्यक्त करते है। वर्ष १९९९ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्तापना दक्षिण भारत देश में हुई। उस समय हिन्दू के ७ वंश में से १ वंश (मूल वंश ) ने कुछ लोगों को बताया था की, उत्तर भारत में एक जाट नाम का जाती है , उनकी महिलायें माथे पर सिंधुर नहीं लगाती। जाट जाती के महिला पुरुष सिख, बौद्ध, इस्लाम धरम की तरह रहते हैं । हिन्दू के अन्य जातियों को चूहे ,खरगोश की औलादे, बुजदिल, कायर, डरपोक, काफिर कहतें है। जाट जाती से बढ़कर और कोई हिन्दू धरम में नहीं हो सकता ऐसा वक्तव्य हमेशा किया जाता है। यही कारण हो सकता है की , जाट जाती के लाखों लोगों को विदेश में साजिश करके मार डाले हैं । जाट जाती के वक्तव्य का हम लोग समर्थन करते हैं । जाट जाती का आहार (खाणा-खुणा) हमारे जैसा हैं,याने की हिन्दू के अन्य जाती जैसा नहीं । जाट जाती ने आज अपने वक्तव्य को साबित कर दिखाया है। वर्ष १९६६ में दक्षिण भारत में शिवसेना नाम का राजनैतिक दल इस्लाम धरम के खिलाप स्तापित किया गया। उस राजनैतिक दल का अध्यक्ष अपने आप को हिंदू धरम वादी कहता था, लेकिन उसकी पोती का मुस्लिम लडके साथ लव-लफड़ा होने के करण मजबूर होकर मुस्लिम के साथ शादी के लिए अनुमति दिया और दम तोड़ दिया, यानेकी उसका मौत हुआ। इसी तरह बाबरी मस्जिद गिरानेवाला मुख्य व्यक्ति जो दिखने में गंजा है और (सफ़ेद रंग) मुछ है,चश्मा भी पहनता है। दिल्ली शहर में रहता है और वर्ष २००२ से २००४ तक भूतपूर्व उप प्रधान मंत्री भी था। यह सभी राजनैतिक लोग हिन्दू धरम के ७ वंश में से मूल वंश के हैं। शिवसेना राजनैतिक दल अध्यक्ष ने हमेशा कहाँ था की, वो जमाती हम नष्ट करेंगे। महाभारत के धर्मराज (युधिष्ठिर) की तरह हमेशा पहेलियाँ बुझानेवाली बातें बोलता था। शिवसेना राजनैतिक दल अध्यक्ष का जमाती नष्ट करने का बात जाट जाती के खिलाप ही है.!
आज हमें यहाँ एक हिंदी फिल्म का गाना याद आया है। वर्ष १९८२ प्रदर्शित हुई हिंदी फिल्म (कामचोर) का गाना बहुत ही प्रसिद्ध है।
गाने के कुछ बोल :
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
सात रंग, सात सुर, आज मिले साथ रे
आज कोई उनको भी भेज दे संदेश रे...
यात्रियों को पुलिस हीरासत मे लेते है और उन्हें वापस भारत देश भेजना है? या नौकरी देना है? या भूके प्यासे रखकर हिरासत में ही मार डालना है ? या जहरीला खाना देकर मार डालना है ? यह फैसला सरकार करते है। जिन्हे नौकरी दिया जाता है, उनका महीनेका पगार भारतीय रुपयोंमें २ लाख से १७ लाख तक होता है। उन्हें पेट्रोलपंप, स्टोर / बड़े दुकान, गाडियों के ड्राइवर जैसे नौकरियां देते हैं । यात्रियों के पास ए टी एम् कार्ड तथा सभी दस्तावेज होना अनिवार्य हैं। जिन यात्रियों के पास ए टी एम् कार्ड तथा सभी दस्तावेज नहीं होते, उन्हें भारत देश वापस भेज दिए जाते हैं या (फलाना लोग समझकर) मौत की सजाएँ देते हैं। वैसे लोगों का सभी सामान लुटेरे या नकली अवैध मार्गदर्शक सरहद पार करने से पहले ही बरामत करते हैं। यही कारण होता है की , उनके पास कोई चीज नहीं होती। अवैध / वैध एजेंट के पास जो शेष रुपये जमा होते है,वो सभी रुपये हर यात्री के बैंक खातेमें ट्रांसफर करता है। उदाहरण के लिए : यदि अवैध एजेंट पास १० लाख रुपये जमा हैं, तो उसमेसे वैध प्रक्रिया के लिए वीसा, हवाई जहाज का टिकट, वैध पारपत्र का खर्च तथा अवैध / वैध मार्गदर्शक का ३५०००० खर्च छोड़कर यात्री के बैंक खातेमें ट्रांसफर करता है। एजेंट वकील का भी प्रबन्ध करता है। यदि यात्रियों के वकील है तो, हिरासत को टाल सकते हैं। वकील किराये का मकान, नौकरी आदि समस्याओं का समाधान करते हैं।
वैध/अवैध प्रक्रिया द्वारा भेजा गया असली/ नकली एजेंट स्वयं विदेशों में जाकर आते हैं।
**इस वेबसाइट के मालिक स्वयं वैध प्रक्रिया से विदेशों में जाकर आये हैं। विदेश यात्रा के प्रक्रियाएं पता है !
**हमारा अनुमान है कि जो लोग भारत से अवैध तरीके से अमेरिका गए हैं, उन्हें एजेंट ने वैध तरीके से पहुंचाया होगा.!
५) विदेशोंमें अवैध रूप से भेजनेवाले व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियोंके विशेष नाम: अवैध यात्री - डाँकी / डंकी । नकली अवैध मर्गदर्शक / असली अवैध मर्गदर्शक: डाँकर / डंकर। अवैध प्रक्रिया : डाँकी / डंकी प्रोसेस .
६) जो लोग वापस लौटे हैं उन्होंने कानूनी रास्ते से अमेरिका या अन्य देशों में नौकरी करने का सुझाव दिया है। ओफेमैल और प्रशासन की तरफसे यही सुझाव है। जो हिन्दू धरम वादी लोग अमेरिका देश की सरहद पार करने में और नौकरी पाने में पथरिवाली माताजी की कृपासे यशस्वी हो गए है, उनसे अनुरोध हैं, की वे जाह्नवी हैरिसन माताजी से ना मिले । जाह्नवी हैरिसन माताजी वैदिक धरम के कृष्ण के भगवतगीता ग्रन्थ से प्रभावित है।
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